Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.104.41: कुलीन कुलों में उत्पन्न हुए ऐसे बहुत कम मनुष्य होते हैं जो धर्म का आश्रय लेकर परलोक में सुख की इच्छा रखते हैं और समस्त सांसारिक कार्यों से विमुख हो जाते हैं ॥ 41॥ | mahabharat अध्याय 12.104: राज्य, खजाना और सेना आदिसे वंचित हुए असहाय क्षेमदर्शी राजाके प्रति कालकवृक्षीय मुनिका वैराग्यपूर्ण उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुलीन कुलों में उत्पन्न हुए ऐसे बहुत कम मनुष्य होते हैं जो धर्म का आश्रय लेकर परलोक में सुख की इच्छा रखते हैं और समस्त सांसारिक कार्यों से विमुख हो जाते हैं ॥ 41॥
There are only a few people born in noble families who take refuge in Dharma and desire happiness in the next world and turn away from all worldly activities. ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥