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mahabharat 12.104.14: जो कुछ पहले था और अब है, वह न तो कभी था और न भविष्य में होगा। इस तथ्य को जानकर तुम सब पापों से मुक्त हो जाओगे ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 12.104: राज्य, खजाना और सेना आदिसे वंचित हुए असहाय क्षेमदर्शी राजाके प्रति कालकवृक्षीय मुनिका वैराग्यपूर्ण उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.104.14 
यद्धि भूतं भविष्यं च सर्वं तन्न भविष्यति।
एवं विदितवेद्यस्त्वमधर्मेभ्य: प्रमोक्ष्यसे॥ १४॥
 
 
अनुवाद
जो कुछ पहले था और अब है, वह न तो कभी था और न भविष्य में होगा। इस तथ्य को जानकर तुम सब पापों से मुक्त हो जाओगे ॥14॥
 
Whatever existed earlier and will exist now, neither existed nor will exist in future. After knowing this fact, you will be freed from all sins. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)