Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.103.51: देवेश्वर! इस प्रकार वर्णित मनुष्यों के लक्षणों को समझना चाहिए। दुष्ट पुरुषों का स्वभाव बड़ा प्रबल होता है। 51॥   |   mahabharat अध्याय 12.103: शत्रुको वशमें करनेके लिये राजाको किस नीतिसे काम लेना चाहिये और दुष्टोंको कैसे पहचानना चाहिये—इसके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 103: शत्रुको वशमें करनेके लिये राजाको किस नीतिसे काम लेना चाहिये और दुष्टोंको कैसे पहचानना चाहिये—इसके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका संवाद  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  12.103.51 
एतान्येव यथोक्तानि बुध्येथास्त्रिदशाधिप।
पुरुषाणां प्रदुष्टानां स्वभावो बलवत्तर:॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
देवेश्वर! इस प्रकार वर्णित मनुष्यों के लक्षणों को समझना चाहिए। दुष्ट पुरुषों का स्वभाव बड़ा प्रबल होता है। 51॥
 
Deveshwar! The characteristics of humans described in this way should be understood. The nature of evil men is very strong. 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)