Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.102.30: जो राजा अपने शत्रुओं को हराकर उनके अपराधों को क्षमा कर देता है, उसका यश बढ़ता है। शत्रु उसके विरुद्ध बड़ा से बड़ा अपराध करने पर भी उस पर विश्वास करते हैं ॥30॥ | mahabharat अध्याय 12.102: विजयसूचक शुभाशुभ लक्षणोंका तथा उत्साही और बलवान् सैनिकोंका वर्णन एवं राजाको युद्धसम्बन्धी नीतिका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो राजा अपने शत्रुओं को हराकर उनके अपराधों को क्षमा कर देता है, उसका यश बढ़ता है। शत्रु उसके विरुद्ध बड़ा से बड़ा अपराध करने पर भी उस पर विश्वास करते हैं ॥30॥
The king who forgives the crimes of his enemies after defeating them, his fame increases. Even if the enemies commit a great crime against him, they trust him. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥