न हि तस्यान्यथा पीडा शक्या कर्तुं तथाविधा।
यथा सार्धममित्रेण सर्वत: प्रतिबाधनम्॥ २८॥
अनुवाद
अन्यथा उसे वैसा दुःख नहीं दिया जा सकता जैसा उसके शत्रु के साथ संधि करके दिया जा सकता है। युद्ध इस प्रकार करना चाहिए कि शत्रु पक्ष सब ओर से संकट में पड़ जाए॥28॥
Otherwise, he cannot be given such pain as can be given to his enemy by making a treaty with him. War should be fought in such a way that the enemy side gets into trouble from all sides.॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥