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mahabharat 12.102.24: जो वीर जानते हैं कि युद्ध निकट है और वे उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं, विजय की आशा के हर्ष के कारण उनके शरीर पर पसीने की बूंदें उभर आती हैं।   |   mahabharat अध्याय 12.102: विजयसूचक शुभाशुभ लक्षणोंका तथा उत्साही और बलवान् सैनिकोंका वर्णन एवं राजाको युद्धसम्बन्धी नीतिका निर्देश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.102.24 
अभिप्रयातां समितिं ज्ञात्वा ये प्रतियान्त्यथ।
तेषां स्यन्दन्ति गात्राणि योधानां विजयस्य च॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जो वीर जानते हैं कि युद्ध निकट है और वे उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं, विजय की आशा के हर्ष के कारण उनके शरीर पर पसीने की बूंदें उभर आती हैं।
 
Those heroes who know that a battle is imminent and rush towards it, sweat beads appear on their bodies due to the joy of the hope of victory.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)