Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.101.9: जिनकी गर्जना मेघ के समान है, जिनका मुख क्रोध से भरा हुआ है, जिनका शरीर ऊँट के समान है, जिनकी नाक और जीभ टेढ़ी हैं, वे बहुत दूर तक दौड़ने और दूर स्थित लक्ष्य को भी भेदने में समर्थ हैं॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.101: भिन्न-भिन्न देशके योद्धाओंके स्वभाव, रूप, बल, आचरण और लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिनकी गर्जना मेघ के समान है, जिनका मुख क्रोध से भरा हुआ है, जिनका शरीर ऊँट के समान है, जिनकी नाक और जीभ टेढ़ी हैं, वे बहुत दूर तक दौड़ने और दूर स्थित लक्ष्य को भी भेदने में समर्थ हैं॥9॥
Those whose roar is like that of a cloud, whose face is full of anger, whose body is like that of a camel, whose nose and tongue are crooked, they are capable of running very far and hitting even the faraway targets.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥