Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.101.5: यवन, कम्बोज और मथुरा के आस-पास रहने वाले योद्धा कुश्ती में निपुण हैं। और दक्षिण देश के निवासी अपने हाथों में तलवारें रखते हैं। (वे तलवार चलाना अच्छी तरह जानते हैं।)॥5॥ | mahabharat अध्याय 12.101: भिन्न-भिन्न देशके योद्धाओंके स्वभाव, रूप, बल, आचरण और लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथा यवनकाम्बोजा मथुरामभितश्च ये।
एते नियुद्धकुशला दाक्षिणात्यासिपाणय:॥ ५॥
अनुवाद
यवन, कम्बोज और मथुरा के आस-पास रहने वाले योद्धा कुश्ती में निपुण हैं। और दक्षिण देश के निवासी अपने हाथों में तलवारें रखते हैं। (वे तलवार चलाना अच्छी तरह जानते हैं।)॥5॥
The warriors of Yavanas, Kambojas and those living around Mathura are proficient in wrestling. And the inhabitants of the southern countries keep swords in their hands. (They know how to wield swords well.)॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥