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mahabharat 12.101.4: उशीनर देश के योद्धा सब प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों में निपुण और अत्यन्त बलवान हैं। पूर्व देश के योद्धा हाथियों पर सवार होकर युद्ध करने की कला में निपुण हैं। वे छल-कपट से युद्ध करने में भी निपुण हैं।॥4॥   |   mahabharat अध्याय 12.101: भिन्न-भिन्न देशके योद्धाओंके स्वभाव, रूप, बल, आचरण और लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 101: भिन्न-भिन्न देशके योद्धाओंके स्वभाव, रूप, बल, आचरण और लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  12.101.4 
सर्वशस्त्रेषु कुशला: सत्त्ववन्तो ह्युशीनरा:।
प्राच्या मातङ्गयुद्धेषु कुशला: कूटयोधिन:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
उशीनर देश के योद्धा सब प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों में निपुण और अत्यन्त बलवान हैं। पूर्व देश के योद्धा हाथियों पर सवार होकर युद्ध करने की कला में निपुण हैं। वे छल-कपट से युद्ध करने में भी निपुण हैं।॥4॥
 
The warriors of Ushinar country are skilled in all types of weapons and are very strong. The warriors of Purva country are skilled in the art of fighting while riding on elephants. They are also experts in deceitful warfare.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)