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mahabharat 12.101.3: गांधार, सिंधु और सौवीर देशों के योद्धा नखरों और भालों से युद्ध करते हैं। वे अत्यंत बलवान और निर्भय होते हैं। उनकी सेना सभी को परास्त करने में सक्षम होती है।   |   mahabharat अध्याय 12.101: भिन्न-भिन्न देशके योद्धाओंके स्वभाव, रूप, बल, आचरण और लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.101.3 
गान्धारा: सिन्धुसौवीरा नखरप्रासयोधिन:।
अभीरव: सुबलिनस्तद्‍बलं सर्वपारगम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
गांधार, सिंधु और सौवीर देशों के योद्धा नखरों और भालों से युद्ध करते हैं। वे अत्यंत बलवान और निर्भय होते हैं। उनकी सेना सभी को परास्त करने में सक्षम होती है।
 
The warriors of Gandhar, Sindhu and Sauvir countries fight with Nakhar (fangs) and spears. They are very strong and fearless. Their army is capable of defeating everyone.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)