Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.101.1: युधिष्ठिर ने पूछा, 'भरतनन्दन! किस प्रकार के स्वभाव, किस प्रकार के आचरण और किस प्रकार के रूप वाले योद्धा युद्धभूमि के लिए उपयुक्त माने जाते हैं? उनके पास किस प्रकार के कवच और शस्त्र होने चाहिए?॥1॥ | mahabharat अध्याय 12.101: भिन्न-भिन्न देशके योद्धाओंके स्वभाव, रूप, बल, आचरण और लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर ने पूछा, 'भरतनन्दन! किस प्रकार के स्वभाव, किस प्रकार के आचरण और किस प्रकार के रूप वाले योद्धा युद्धभूमि के लिए उपयुक्त माने जाते हैं? उनके पास किस प्रकार के कवच और शस्त्र होने चाहिए?॥1॥
Yudhishthira asked, 'Bharatanandan! What kind of warriors are considered good for the battlefield with what kind of nature, what kind of conduct and what kind of appearance? What kind of armour and weapons should they have?॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥