Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.100.7-9: हे कुन्तीपुत्र! राजा को चाहिए कि वह हाथियों की रक्षा के लिए गाय, बैल और अजगर की खाल से कवच बनवाए। इसके अतिरिक्त लोहे की कीलें, लोहे के कवच, पंखे, चमकीले और पानी वाले हथियार, पीले और लाल रंग के कवच, रंग-बिरंगी ध्वजाएँ और पताकाएँ, ऋषि, तोमर, तलवारें, तीक्ष्ण कुल्हाड़ियाँ, भाले और ढालें - ये सब बहुत मात्रा में बनवाए और उन्हें सदैव अपने पास रखे। 7-9। | mahabharat अध्याय 12.100: सैन्यसंचालनकी रीति-नीतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे कुन्तीपुत्र! राजा को चाहिए कि वह हाथियों की रक्षा के लिए गाय, बैल और अजगर की खाल से कवच बनवाए। इसके अतिरिक्त लोहे की कीलें, लोहे के कवच, पंखे, चमकीले और पानी वाले हथियार, पीले और लाल रंग के कवच, रंग-बिरंगी ध्वजाएँ और पताकाएँ, ऋषि, तोमर, तलवारें, तीक्ष्ण कुल्हाड़ियाँ, भाले और ढालें - ये सब बहुत मात्रा में बनवाए और उन्हें सदैव अपने पास रखे। 7-9।
O son of Kunti! The king should get armour made from the skins of cows, bulls and pythons to protect elephants. Besides this, iron nails, iron armour, fans, shiny and watery weapons, yellow and red coloured armour, multicoloured flags and banners, rishtis, tomaras, swords, sharp axes, spears and shields - get them made in large numbers and keep them with you always. 7-9.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥