Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.100.37: जो लोग युद्ध में पीठ दिखाते हैं, वे सबसे बुरे मनुष्य हैं; वे योद्धाओं की संख्या ही बढ़ाते हैं। उन्हें इस लोक में या परलोक में कोई सुख नहीं मिलता ॥37॥ | mahabharat अध्याय 12.100: सैन्यसंचालनकी रीति-नीतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मनुष्यापसदा ह्येते ये भवन्ति पराङ्मुखा:।
राशिवर्धनमात्रास्ते नैव ते प्रेत्य नो इह॥ ३७॥
अनुवाद
जो लोग युद्ध में पीठ दिखाते हैं, वे सबसे बुरे मनुष्य हैं; वे योद्धाओं की संख्या ही बढ़ाते हैं। उन्हें इस लोक में या परलोक में कोई सुख नहीं मिलता ॥37॥
Those who turn their backs in battle are the worst of men; they only increase the number of warriors. They find no happiness either in this world or the next. ॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥