Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.10.20: दरिद्र और दीन-हीन लोगों ने वेद के अर्थवाद वाक्यों द्वारा प्रतिपादित विज्ञान का सहारा लेकर सत्य प्रतीत होने वाले मिथ्या मतों का प्रचार किया है (ऐसे कथन क्षत्रिय के संन्यास के अधिकार को सिद्ध नहीं करते)।॥20॥ | mahabharat अध्याय 12.10: भीमसेनका राजाके लिये संन्यासका विरोध करते हुए अपने कर्तव्यके ही पालनपर जोर देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दरिद्र और दीन-हीन लोगों ने वेद के अर्थवाद वाक्यों द्वारा प्रतिपादित विज्ञान का सहारा लेकर सत्य प्रतीत होने वाले मिथ्या मतों का प्रचार किया है (ऐसे कथन क्षत्रिय के संन्यास के अधिकार को सिद्ध नहीं करते)।॥20॥
The poor and the destitute, taking recourse to the science propounded by the Arthvada sentences of the Veda, have propagated false views which appear to be true (such statements do not prove the right of a Kshatriya to Sannyasa).॥ 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥