Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.1.22: जल अर्पित करते समय माता कुंती ने स्वयं यह रहस्य बताया था कि कर्ण उनका अपना पुण्य पुत्र था, जो भगवान सूर्य के अंश से उत्पन्न हुआ था, जिसे उन्होंने पहले पानी में डुबो दिया था। | mahabharat अध्याय 12.1: युधिष्ठिरके पास नारद आदि महर्षियाेंका आगमन और युधिष्ठिरका कर्णके साथ अपना सम्बन्ध बताते हुए कर्णको शाप मिलनेका वृत्तान्त पूछना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जल अर्पित करते समय माता कुंती ने स्वयं यह रहस्य बताया था कि कर्ण उनका अपना पुण्य पुत्र था, जो भगवान सूर्य के अंश से उत्पन्न हुआ था, जिसे उन्होंने पहले पानी में डुबो दिया था।
While offering water, mother Kunti herself had revealed the secret that Karna was her own virtuous son, born from a part of Lord Sun, whom she had earlier drowned in the water.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥