Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.1.18: हे नारद! दूसरी बात जो मैं आपसे कह रहा हूँ, वह और भी अधिक दुःखद है। मेरी माता कुन्ती ने कर्ण के जन्म का रहस्य मुझसे छिपाकर मुझे महान दुःख में डाल दिया है॥ 18॥ | mahabharat अध्याय 12.1: युधिष्ठिरके पास नारद आदि महर्षियाेंका आगमन और युधिष्ठिरका कर्णके साथ अपना सम्बन्ध बताते हुए कर्णको शाप मिलनेका वृत्तान्त पूछना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे नारद! दूसरी बात जो मैं आपसे कह रहा हूँ, वह और भी अधिक दुःखद है। मेरी माता कुन्ती ने कर्ण के जन्म का रहस्य मुझसे छिपाकर मुझे महान दुःख में डाल दिया है॥ 18॥
O Lord Narada! The second thing that I am telling you is even more painful. My mother Kunti has put me into great sorrow by concealing the secret of Karna's birth.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥