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mahabharat 12.1.16: मेरी पुत्रवधू सुभद्रा, जो वृष्णिवंश की कन्या है और इस समय द्वारका में निवास कर रही है, जब मधुसूदन श्रीकृष्ण यहाँ से लौटकर द्वारका जाएँगे, तब उनसे क्या कहेगी?॥ 16॥   |   mahabharat अध्याय 12.1: युधिष्ठिरके पास नारद आदि महर्षियाेंका आगमन और युधिष्ठिरका कर्णके साथ अपना सम्बन्ध बताते हुए कर्णको शाप मिलनेका वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 1: युधिष्ठिरके पास नारद आदि महर्षियाेंका आगमन और युधिष्ठिरका कर्णके साथ अपना सम्बन्ध बताते हुए कर्णको शाप मिलनेका वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.1.16 
किं नु वक्ष्यति वार्ष्णेयी वधूर्मे मधुसूदनम्।
द्वारकावासिनी कृष्णमित: प्रतिगतं हरिम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
मेरी पुत्रवधू सुभद्रा, जो वृष्णिवंश की कन्या है और इस समय द्वारका में निवास कर रही है, जब मधुसूदन श्रीकृष्ण यहाँ से लौटकर द्वारका जाएँगे, तब उनसे क्या कहेगी?॥ 16॥
 
What will my daughter-in-law Subhadra, daughter of the Vrishni clan, who is now residing in Dwaraka, say to Madhusudan Sri Krishna when he returns from here and goes to Dwaraka?॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)