Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.1.11: पाण्डुनन्दन! यह सौभाग्य है कि आप इस युद्ध से मुक्त हो गए, जिससे सम्पूर्ण जगत भयभीत हो गया। अब आप क्षत्रिय धर्म का पालन करने में तत्पर होकर प्रसन्न तो हो न? 11॥ | mahabharat अध्याय 12.1: युधिष्ठिरके पास नारद आदि महर्षियाेंका आगमन और युधिष्ठिरका कर्णके साथ अपना सम्बन्ध बताते हुए कर्णको शाप मिलनेका वृत्तान्त पूछना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डुनन्दन! यह सौभाग्य है कि आप इस युद्ध से मुक्त हो गए, जिससे सम्पूर्ण जगत भयभीत हो गया। अब आप क्षत्रिय धर्म का पालन करने में तत्पर होकर प्रसन्न तो हो न? 11॥
'Pandunandan! It is fortunate that you got rid of this battle which put the whole world in fear. Now are you happy by being ready to follow the Kshatriya Dharma, aren't you? 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥