Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 11.9.8: वैशम्पायनजी कहते हैं: हे राजन! संजय के ये कठोर वचन सुनकर राजा धृतराष्ट्र प्राण छोड़कर निश्चल होकर भूमि पर गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 11.9: धृतराष्ट्रका शोकातुर हो जाना और विदुरजीका उन्हें पुन: शोकनिवारणके लिये उपदेश   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका शोकातुर हो जाना और विदुरजीका उन्हें पुन: शोकनिवारणके लिये उपदेश  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  11.9.8 
वैशम्पायन उवाच
तच्छ्रुत्वा वचनं घोरं संजयस्य महीपति:।
गतासुरिव निश्चेष्टो न्यपतत् पृथिवीतले॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं: हे राजन! संजय के ये कठोर वचन सुनकर राजा धृतराष्ट्र प्राण छोड़कर निश्चल होकर भूमि पर गिर पड़े।
 
Vaishmpayana says: O King! On hearing these harsh words of Sanjaya, King Dhritarashtra fell down on the ground, motionless as if he had lost his life.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)