श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका शोकातुर हो जाना और विदुरजीका उन्हें पुन: शोकनिवारणके लिये उपदेश  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  11.9.7 
पुत्राणामथ पौत्राणां पितॄणां च महीपते।
आनुपूर्व्येण सर्वेषां प्रेतकार्याणि कारय॥ ७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! अब आप अपने चाचा, चाचा के पुत्र तथा पौत्रों का क्रमशः अन्त्येष्टि संस्कार कराएँ॥7॥
 
Maharaj! Now you should get the funeral rites done for your uncle, uncle's son and grandsons respectively. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)