श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका शोकातुर हो जाना और विदुरजीका उन्हें पुन: शोकनिवारणके लिये उपदेश  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  11.9.3 
अश्वत्थाम्न: श्रुतं कर्म शापश्चान्योन्यकारित:।
वृत्तान्तमुत्तरं ब्रूहि यदभाषत संजय:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
मैंने अश्वत्थामा के कर्मों के विषय में तथा एक-दूसरे को दिए गए शापों के विषय में भी सुना है। अब मुझे आगे की वह कथा सुनाइए जो संजय ने धृतराष्ट्र को सुनाई थी॥ 3॥
 
I have heard about the deeds of Ashwatthama and also about the curses given to each other. Now tell me the further story which Sanjaya narrated to Dhritarashtra.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)