Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.9.22: वे सभी महामनस्वी क्षत्रिय योद्धा युद्ध में यश के पात्र थे। वे उत्तम सुखों से युक्त पुण्य लोकों को प्राप्त हुए हैं, अतः उनके लिए शोक नहीं करना चाहिए। 22॥ | mahabharat अध्याय 11.9: धृतराष्ट्रका शोकातुर हो जाना और विदुरजीका उन्हें पुन: शोकनिवारणके लिये उपदेश । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षत्रियास्ते महात्मान: शूरा: समितिशोभना:।
आशिषं परमां प्राप्ता न शोच्या: सर्व एव हि॥ २२॥
अनुवाद
वे सभी महामनस्वी क्षत्रिय योद्धा युद्ध में यश के पात्र थे। वे उत्तम सुखों से युक्त पुण्य लोकों को प्राप्त हुए हैं, अतः उनके लिए शोक नहीं करना चाहिए। 22॥
'All those great-minded Kshatriya warriors were worthy of glory in battle. They have reached the virtuous worlds full of good pleasures, hence one should not mourn for them. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥