न यज्ञैर्दक्षिणावद्भिर्न तपोभिर्न विद्यया।
तथा स्वर्गमुपायान्ति यथा शूरास्तनुत्यज:॥ १८॥
अनुवाद
जिस प्रकार शरीर त्यागने वाले शूरवीर स्वर्ग जाते हैं, उसी प्रकार दक्षिणा, तप और ज्ञान सहित यज्ञों के द्वारा भी कोई वहाँ नहीं जा सकता।॥18॥
'The way valiant warriors who sacrifice their bodies go to heaven, no one can go there in the same way even with the help of sacrifices with dakshina, austerities and knowledge.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥