Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.9.17: हे राजन! जो महामनस्वी योद्धा युद्ध में मारे गए हैं और जिनके लिए आप बार-बार शोक कर रहे हैं, वे शोक करने योग्य नहीं हैं; वे सब स्वर्गलोक को चले गए हैं॥17॥ | mahabharat अध्याय 11.9: धृतराष्ट्रका शोकातुर हो जाना और विदुरजीका उन्हें पुन: शोकनिवारणके लिये उपदेश । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यांश्चापि निहतान् युद्धे राजंस्त्वमनुशोचसि।
न शोच्या हि महात्मान: सर्वे ते त्रिदिवं गता:॥ १७॥
अनुवाद
हे राजन! जो महामनस्वी योद्धा युद्ध में मारे गए हैं और जिनके लिए आप बार-बार शोक कर रहे हैं, वे शोक करने योग्य नहीं हैं; वे सब स्वर्गलोक को चले गए हैं॥17॥
'O King! Those great-hearted warriors who have been killed in the war and for whom you are repeatedly mourning, are not worthy of mourning; they have all gone to heaven.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥