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श्री महाभारत
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पर्व 11: स्त्री पर्व
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अध्याय 9: धृतराष्ट्रका शोकातुर हो जाना और विदुरजीका उन्हें पुन: शोकनिवारणके लिये उपदेश
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श्लोक 13
श्लोक
11.9.13
अयुध्यमानो म्रियते युद्धॺमानस्तु जीवति।
कालं प्राप्य महाराज न कश्चिदतिवर्तते॥ १३॥
अनुवाद
महाराज! जो युद्ध नहीं करता, वह भी मरता है और जो युद्ध करता है, वह भी जीवित रहता है। मृत्यु को प्राप्त होकर कोई उसका उल्लंघन नहीं कर सकता॥13॥
‘Maharaj! Even the one who does not fight dies and even the one who fights survives. No one can violate death after reaching it.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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