Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.8.48: पिताश्री! इस प्रकार आचरण करने से संसार में आपकी कीर्ति बढ़ेगी, आपको महान धार्मिक और भौतिक वस्तुओं की प्राप्ति होगी तथा दीर्घ तपस्या का फल प्राप्त होगा ॥ 48॥ | mahabharat अध्याय 11.8: व्यासजीका संहारको अवश्यम्भावी बताकर धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं ते वर्तमानस्य लोके कीर्तिर्भविष्यति।
धर्मार्थ: सुमहांस्तात तप्तं स्याच्च तपश्चिरात्॥ ४८॥
अनुवाद
पिताश्री! इस प्रकार आचरण करने से संसार में आपकी कीर्ति बढ़ेगी, आपको महान धार्मिक और भौतिक वस्तुओं की प्राप्ति होगी तथा दीर्घ तपस्या का फल प्राप्त होगा ॥ 48॥
Father! By behaving in this manner your fame will increase in the world, you will achieve great religious and material things and you will get the fruits of long penance. ॥ 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥