Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.8.37-38: हे राजन! आपका कल्याण हो। राजसूय यज्ञ के समय नारद मुनि ने राजा युधिष्ठिर से पहले ही कह दिया था कि कौरव और पांडव आपस में लड़कर नष्ट हो जाएँगे। अतः हे कुन्तीपुत्र! जो भी कर्तव्य आपके लिए आवश्यक हो, उसे कीजिए। | mahabharat अध्याय 11.8: व्यासजीका संहारको अवश्यम्भावी बताकर धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारदेन च भद्रं ते पूर्वमेव न संशय:।
युधिष्ठिरस्य समितौ राजसूये निवेदितम्॥ ३७॥
पाण्डवा: कौरवा: सर्वे समासाद्य परस्परम्।
न भविष्यन्ति कौन्तेय यत् ते कृत्यं तदाचर॥ ३८॥
अनुवाद
हे राजन! आपका कल्याण हो। राजसूय यज्ञ के समय नारद मुनि ने राजा युधिष्ठिर से पहले ही कह दिया था कि कौरव और पांडव आपस में लड़कर नष्ट हो जाएँगे। अतः हे कुन्तीपुत्र! जो भी कर्तव्य आपके लिए आवश्यक हो, उसे कीजिए।
O King! May you be blessed. During the Rajasuya Yagna, sage Narada had already told King Yudhishthira that the Kauravas and Pandavas will fight among themselves and get destroyed. Therefore, O son of Kunti, do whatever duty is necessary for you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥