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mahabharat 11.8.18: हे महाबाहु नरेश्वर! महात्मा विदुर इस भावी परिणाम को जानते थे, इसीलिए उन्होंने संधि के लिए पूरी शक्ति से प्रयत्न किया ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 11.8: व्यासजीका संहारको अवश्यम्भावी बताकर धृतराष्ट्रको समझाना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 8: व्यासजीका संहारको अवश्यम्भावी बताकर धृतराष्ट्रको समझाना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  11.8.18 
जानता च महाबाहो विदुरेण महात्मना।
यतितं सर्वयत्नेन शमं प्रति जनेश्वर॥ १८॥
 
 
अनुवाद
हे महाबाहु नरेश्वर! महात्मा विदुर इस भावी परिणाम को जानते थे, इसीलिए उन्होंने संधि के लिए पूरी शक्ति से प्रयत्न किया ॥18॥
 
Mighty-armed Nareshwar! Mahatma Vidur knew this future outcome, that is why he tried with all his might for the treaty. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)