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श्री महाभारत
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पर्व 11: स्त्री पर्व
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अध्याय 7: संसारचक्रका वर्णन और रथके रूपकसे संयम और ज्ञान आदिको मुक्तिका उपाय बताना
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श्लोक 25
श्लोक
11.7.25
अभयं सर्वभूतेभ्यो यो ददाति महीपते।
स गच्छति परं स्थानं विष्णो: पदमनामयम्॥ २५॥
अनुवाद
भूपाल! जो सम्पूर्ण प्राणियों को आश्रय देता है, वह भगवान विष्णु के अविनाशी परम धाम को जाता है॥25॥
Bhupal! One who gives protection to all living beings, goes to the indestructible supreme abode of Lord Vishnu. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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