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श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 6: संसाररूपी वनके रूपकका स्पष्टीकरण  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  11.6.3 
एतन्मे सर्वमाचक्ष्व साधु चेष्टामहे तदा।
कृपा मे महती जाता तस्याभ्युद्धरणेन हि॥ ३॥
 
 
अनुवाद
मुझे यह सब बताओ; फिर हम सब उसे वहाँ से निकालने की पूरी कोशिश करेंगे। मुझे उसके बच जाने का बहुत दुःख है। 3.
 
Tell me all this; then we will all try our best to get him out from there. I feel very sorry for his salvation. 3.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)