Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.5.13-15h: वहाँ भी उसे एक और समस्या का सामना करना पड़ा। उसने देखा कि कुएँ के अंदर एक बहुत शक्तिशाली साँप बैठा है और कुएँ के ऊपरी किनारे पर, कुएँ के मुँह के पास छह सिर वाला एक विशाल हाथी खड़ा है। वह हाथी काले और सफेद रंग का था और बारह पैरों पर चलता था। | mahabharat अध्याय 11.5: गहन वनके दृष्टान्तसे संसारके भयंकर स्वरूपका वर्णन । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथ तत्रापि चान्योऽस्य भूयो जात उपद्रव:॥ १३॥
कूपमध्ये महानागमपश्यत महाबलम्।
कूपवीनाहवेलायामपश्यत महागजम्॥ १४॥
षड्वक्त्रं कृष्णशुक्लं च द्विषट्कपदचारिणम्।
अनुवाद
वहाँ भी उसे एक और समस्या का सामना करना पड़ा। उसने देखा कि कुएँ के अंदर एक बहुत शक्तिशाली साँप बैठा है और कुएँ के ऊपरी किनारे पर, कुएँ के मुँह के पास छह सिर वाला एक विशाल हाथी खड़ा है। वह हाथी काले और सफेद रंग का था और बारह पैरों पर चलता था।
There too, he faced another problem. He saw a very powerful serpent sitting inside the well and a huge elephant with six heads standing near the mouth of the well on the upper edge of the well. It was black and white in colour and walked on twelve legs.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥