श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 4: दु:खमय संसारके गहन स्वरूपका वर्णन और उससे छूटनेका उपाय  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  11.4.20 
एवं सर्वं विदित्वा वै यस्तत्त्वमनुवर्तते।
स प्रमोक्षाय लभते पन्थानं मनुजेश्वर॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! जो मनुष्य इस प्रकार सब कुछ जानता है और सत्य का पालन करता है, वह मोक्ष प्राप्ति के मार्ग को प्राप्त करता है।
 
O Lord of men! One who knows everything in this manner and follows the truth, attains the path to attain salvation. 20.
 
इति श्रीमहाभारते स्त्रीपर्वणि जलप्रदानिकपर्वणि धृतराष्ट्रविशोककरणे चतुर्थोऽध्याय:॥ ४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत स्त्रीपर्वके अन्तर्गत जलप्रदानिकपर्वमें धृतराष्ट्रके शोकका निवारणविषयक चौथा अध्याय पूरा हुआ॥ ४॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)