श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 4: दु:खमय संसारके गहन स्वरूपका वर्णन और उससे छूटनेका उपाय  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  11.4.18 
यदा सर्वे समं न्यस्ता: स्वपन्ति धरणीतले।
कस्मादन्योन्यमिच्छन्ति प्रलब्धुमिह दुर्बुधा:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
जब सब मनुष्य मरने के बाद श्मशान में फेंक दिए जाते हैं, तब उसी प्रकार पृथ्वी की गोद में सोते हैं, फिर वे मूर्ख मनुष्य इस संसार में एक-दूसरे को ठगने की इच्छा क्यों करते हैं? ॥18॥
 
When all human beings, after being thrown into the cremation ground after death, sleep in the lap of the earth in the same manner, then why do those foolish human beings wish to cheat one another in this world? ॥18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)