कुलीनत्वे च रमते दुष्कुलीनान् विकुत्सयन्।
धनदर्पेण दृप्तश्च दरिद्रान् परिकुत्सयन्॥ १३॥
अनुवाद
नीच कुल में उत्पन्न हुए लोगों की निन्दा करके कुलीन पुरुष अपने बड़प्पन में मग्न रहता है, जबकि धनवान पुरुष अपने धन के मद में चूर होकर दरिद्रों के प्रति द्वेष दिखाता है ॥13॥
Criticising those who were born in low castes, a noble man remains absorbed in his own nobility, while a rich man, intoxicated by his wealth, shows his hatred towards the poor. ॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥