Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.27.5-6h: समुद्र के समान विशाल गंगा का तट, यद्यपि हर्ष और उत्सव से रहित था, फिर भी उन वीर पुरुषों की पत्नियों के निवास के कारण वह अत्यन्त सुन्दर हो गया। | mahabharat अध्याय 11.27: सभी स्त्री-पुरुषोंका अपने मरे हुए सम्बन्धियोंको जलांजलि देना, कुन्तीका अपने गर्भसे कर्णके जन्म होनेका रहस्य प्रकट करना तथा युधिष्ठिरका कर्णके लिये शोक प्रकट करते हुए उनका प्रेतकृत्य सम्पन्न करना और स्त्रियोंके मनमें रहस्यकी बात न छिपनेका शाप देना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समुद्र के समान विशाल गंगा का तट, यद्यपि हर्ष और उत्सव से रहित था, फिर भी उन वीर पुरुषों की पत्नियों के निवास के कारण वह अत्यन्त सुन्दर हो गया।
The bank of the Ganges, which was as vast as the ocean, though devoid of joy and festivities, became very beautiful due to being inhabited by the wives of those brave men. 5 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥