Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 11.27.27-29h: तत्पश्चात् बुद्धिमान कुरुराज युधिष्ठिर ने भ्रातृ प्रेमवश कर्ण की स्त्रियों को उनके परिवार सहित बुला लिया और उनके साथ रहकर धर्मात्मा एवं बुद्धिमान धर्मराज युधिष्ठिर ने विधिपूर्वक कर्ण का मृत्यु संस्कार किया। 27-28 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 11.27: सभी स्त्री-पुरुषोंका अपने मरे हुए सम्बन्धियोंको जलांजलि देना, कुन्तीका अपने गर्भसे कर्णके जन्म होनेका रहस्य प्रकट करना तथा युधिष्ठिरका कर्णके लिये शोक प्रकट करते हुए उनका प्रेतकृत्य सम्पन्न करना और स्त्रियोंके मनमें रहस्यकी बात न छिपनेका शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 27: सभी स्त्री-पुरुषोंका अपने मरे हुए सम्बन्धियोंको जलांजलि देना, कुन्तीका अपने गर्भसे कर्णके जन्म होनेका रहस्य प्रकट करना तथा युधिष्ठिरका कर्णके लिये शोक प्रकट करते हुए उनका प्रेतकृत्य सम्पन्न करना और स्त्रियोंके मनमें रहस्यकी बात न छिपनेका शाप देना  »  श्लोक 27-29h
 
 
श्लोक  11.27.27-29h 
तत आनाययामास कर्णस्य सपरिच्छदा:॥ २७॥
स्त्रिय: कुरुपतिर्धीमान् भ्रातु: प्रेम्णा युधिष्ठिर:।
स ताभि: सह धर्मात्मा प्रेतकृत्यमनन्तरम्॥ २८॥
चकार विधिवद् धीमान् धर्मराजो युधिष्ठिर:।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् बुद्धिमान कुरुराज युधिष्ठिर ने भ्रातृ प्रेमवश कर्ण की स्त्रियों को उनके परिवार सहित बुला लिया और उनके साथ रहकर धर्मात्मा एवं बुद्धिमान धर्मराज युधिष्ठिर ने विधिपूर्वक कर्ण का मृत्यु संस्कार किया। 27-28 1/2॥
 
Thereafter, the wise Kuru king Yudhishthir, out of brotherly love, called Karna's women along with their families and staying with them, that virtuous and wise Dharmaraj Yudhishthir duly performed Karna's death rites. 27-28 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)