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mahabharat 11.27.19-20h: कुन्तीपुत्र कर्ण को छोड़कर कोई भी दूसरा सारथी इतना शक्तिशाली नहीं हुआ कि वह समस्त राजाओं की सेनाओं को रोक सके॥19 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 11.27: सभी स्त्री-पुरुषोंका अपने मरे हुए सम्बन्धियोंको जलांजलि देना, कुन्तीका अपने गर्भसे कर्णके जन्म होनेका रहस्य प्रकट करना तथा युधिष्ठिरका कर्णके लिये शोक प्रकट करते हुए उनका प्रेतकृत्य सम्पन्न करना और स्त्रियोंके मनमें रहस्यकी बात न छिपनेका शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 27: सभी स्त्री-पुरुषोंका अपने मरे हुए सम्बन्धियोंको जलांजलि देना, कुन्तीका अपने गर्भसे कर्णके जन्म होनेका रहस्य प्रकट करना तथा युधिष्ठिरका कर्णके लिये शोक प्रकट करते हुए उनका प्रेतकृत्य सम्पन्न करना और स्त्रियोंके मनमें रहस्यकी बात न छिपनेका शाप देना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  11.27.19-20h 
भूमिपानां च सर्वेषां बलं बलवतां वर:॥ १९॥
नान्य: कुन्तीसुतात् कर्णादगृह्णाद् रथिनां रथी।
 
 
अनुवाद
कुन्तीपुत्र कर्ण को छोड़कर कोई भी दूसरा सारथी इतना शक्तिशाली नहीं हुआ कि वह समस्त राजाओं की सेनाओं को रोक सके॥19 1/2॥
 
'Except Kunti's son Karna, no other charioteer has been so powerful that he could stop the armies of all the kings.॥ 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)