श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  11.26.23 
यान् सुपर्णाश्च गृध्राश्च विकर्षन्ति यतस्तत:।
तेषां तु कर्मणा लोका भविष्यन्ति युधिष्ठिर॥ २३॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! जिनके शवों को गरुड़ और गिद्ध इधर-उधर घसीट रहे हैं, क्या वे केवल श्राद्धकर्म करने से ही उत्तम लोक को प्राप्त होंगे?॥ 23॥
 
Yudhishthira! Those whose corpses are being dragged here and there by Garudas and vultures, will they attain the good world only by performing the Shraddha ceremony?॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)