धृतराष्ट्र उवाच
केन ज्ञानबलेनैवं पुत्र पश्यसि सिद्धवत्।
तन्मे वद महाबाहो श्रोतव्यं यदि वै मया॥ १८॥
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा- पुत्र! किस ज्ञानबल से तुम सिद्धपुरुष के समान सब कुछ देख पाते हो? हे महाबाहो! यदि तुम मेरी बात सुनने के योग्य हो तो मुझे बताओ।
Dhritarashtra asked- Son! By which power of knowledge are you able to see everything like a Siddha Purush. O Mahabaho! If you are worth listening to me then tell me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥