श्रीभगवानुवाच
उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गान्धारि मा च शोके मन: कृथा:।
तवैव ह्यपराधेन कुरवो निधनं गता:॥ १॥
अनुवाद
श्री भगवान बोले - गांधारी! उठो, उठो। अपने मन को शोक में मत डूबने दो। तुम्हारे अपराध के कारण ही कौरवों का नाश हुआ है। 1॥
Shri Bhagwan said – Gandhari! Get up, get up. Don't let your mind sink in sorrow. It is because of your crime that the Kauravas have been destroyed. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥