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mahabharat 11.25.9: उनके वस्त्र और आभूषण अस्त-व्यस्त हैं। मगध की ये रानियाँ, जो सुन्दर बिछौने पर सोने के योग्य थीं, शोक से रोती हुई भूमि पर लोट रही हैं।   |   mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  11.25.9 
प्रकीर्णवस्त्राभरणा रुदत्य: शोककर्शिता:।
स्वास्तीर्णशयनोपेता मागध्य: शेरते भुवि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उनके वस्त्र और आभूषण अस्त-व्यस्त हैं। मगध की ये रानियाँ, जो सुन्दर बिछौने पर सोने के योग्य थीं, शोक से रोती हुई भूमि पर लोट रही हैं।
 
Their clothes and ornaments are in disarray. These queens of Magadha, who were fit to sleep on beds with beautiful beddings, are rolling on the ground weeping in grief.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)