Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.25.50: जब श्रीकृष्ण ने ऐसा कहा, तब पाण्डवों के हृदय में भय उत्पन्न हो गया। वे अत्यन्त व्याकुल हो गए। वे सब अपने जीवन से निराश हो गए ॥50॥ | mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब श्रीकृष्ण ने ऐसा कहा, तब पाण्डवों के हृदय में भय उत्पन्न हो गया। वे अत्यन्त व्याकुल हो गए। वे सब अपने जीवन से निराश हो गए ॥50॥
When Shri Krishna said this, the Pandavas became fearful in their hearts. They were very agitated. All of them despaired of their lives. ॥ 50॥
इति श्रीमहाभारते स्त्रीपर्वणि स्त्रीविलापपर्वणि गान्धारीशापदाने पञ्चविंशोऽध्याय:॥ २५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत स्त्रीपर्वके अन्तर्गत स्त्रीविलापपर्वमें गान्धारीका शापदानविषयक पचीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥