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mahabharat 11.25.46: जैसे भरतवंश की स्त्रियाँ अपने पुत्रों और भाइयों के मारे जाने पर अपने सम्बन्धियों के शवों पर गिरती हैं, वैसे ही तुम्हारे कुल की स्त्रियाँ भी अपने पुत्रों और भाइयों के मारे जाने पर अपने सम्बन्धियों के शवों पर गिरेंगी ॥ 46॥   |   mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  11.25.46 
तवाप्येवं हतसुता निहतज्ञातिबान्धवा:।
स्त्रिय: परिपतिष्यन्ति यथैता भरतस्त्रिय:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
जैसे भरतवंश की स्त्रियाँ अपने पुत्रों और भाइयों के मारे जाने पर अपने सम्बन्धियों के शवों पर गिरती हैं, वैसे ही तुम्हारे कुल की स्त्रियाँ भी अपने पुत्रों और भाइयों के मारे जाने पर अपने सम्बन्धियों के शवों पर गिरेंगी ॥ 46॥
 
Just like the women of the Bharata dynasty, the women of your clan too will fall on the corpses of their relatives in the same manner when their sons and brothers are killed. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)