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mahabharat 11.25.43: गोविन्द! तुमने कौरवों और पाण्डवों नामक अपने सम्बन्धियों की उपेक्षा करके एक-दूसरे को मार डाला है; इसलिए तुम अपने भाइयों और सम्बन्धियों का भी नाश करोगे।   |   mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  11.25.43 
यस्मात् परस्परं घ्नन्तो ज्ञातय: कुरुपाण्डवा:।
उपेक्षितास्ते गोविन्द तस्माज्ज्ञातीन् वधिष्यसि॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
गोविन्द! तुमने कौरवों और पाण्डवों नामक अपने सम्बन्धियों की उपेक्षा करके एक-दूसरे को मार डाला है; इसलिए तुम अपने भाइयों और सम्बन्धियों का भी नाश करोगे।
 
Govinda! You have neglected your relatives Kauravas and Pandavas while killing each other; therefore you will destroy your own brothers and relatives too.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)