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mahabharat 11.25.33: हे माधव! भगवान के लिए कोई भी कार्य कठिन नहीं है; क्योंकि उन्होंने क्षत्रियों के द्वारा ही इन वीर क्षत्रिय योद्धाओं का नाश किया है।   |   mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  11.25.33 
नातिभारोऽस्ति दैवस्य ध्रुवं माधव कश्चन।
यदिमे निहता: शूरा: क्षत्रियै: क्षत्रियर्षभा:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
हे माधव! भगवान के लिए कोई भी कार्य कठिन नहीं है; क्योंकि उन्होंने क्षत्रियों के द्वारा ही इन वीर क्षत्रिय योद्धाओं का नाश किया है।
 
Madhava! Certainly no task is too difficult for God; because he has destroyed these valiant Kshatriya warriors through the Kshatriyas only.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)