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mahabharat 11.25.32: जो श्रेष्ठ पुरुष अपने शस्त्रों के बल से देवताओं को भी नष्ट कर सकते थे, वे इस युद्ध में मारे गये हैं; समय का उलटफेर तो देखो।   |   mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  11.25.32 
ये हन्यु: शस्त्रवेगेन देवानपि नरर्षभा:।
त इमे निहता: संख्ये पश्य कालस्य पर्ययम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
जो श्रेष्ठ पुरुष अपने शस्त्रों के बल से देवताओं को भी नष्ट कर सकते थे, वे इस युद्ध में मारे गये हैं; समय का उलटफेर तो देखो।
 
Those best of men who could destroy even the gods with the force of their weapons have been killed in this war; look at the vicissitudes of time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)