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mahabharat 11.25.27: हे महाबाहु! इसी प्रकार मेरे पुत्र शत्रुवीर-हन्ता लक्ष्मण भी अपने पिता दुर्योधन के पीछे-पीछे चले आये हैं। 27॥   |   mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  11.25.27 
एवं ममापि पुत्रस्य पुत्र: पितरमन्वगात्।
दुर्योधनं महाबाहो लक्ष्मण: परवीरहा॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे महाबाहु! इसी प्रकार मेरे पुत्र शत्रुवीर-हन्ता लक्ष्मण भी अपने पिता दुर्योधन के पीछे-पीछे चले आये हैं। 27॥
 
Great arms! Similarly, my son's son Shatruveer-Hanta Lakshmana has also followed his father Duryodhana. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)