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mahabharat 11.25.20: चेदि नरेश महान योद्धा और वीर धृष्टकेतु, जो द्रोणाचार्य द्वारा मारे गए थे, को उनकी रानियों द्वारा दाह संस्कार के लिए बेहोश अवस्था में ले जाया जा रहा है।   |   mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  11.25.20 
धृष्टकेतुं महात्मानं चेदिपुङ्गवमङ्गना:।
द्रोणेन निहतं शूरं हरन्ति हृतचेतस:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
चेदि नरेश महान योद्धा और वीर धृष्टकेतु, जो द्रोणाचार्य द्वारा मारे गए थे, को उनकी रानियों द्वारा दाह संस्कार के लिए बेहोश अवस्था में ले जाया जा रहा है।
 
The great warrior and valiant Dhrishtaketu of Chedi king, who was killed by Dronacharya, is being carried unconscious by his queens for cremation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)