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mahabharat 11.25.2: उसकी चंदन-रंजित भुजाओं को रक्त से लथपथ देखकर उसकी पत्नी अत्यंत दुःखी हो रही है और करुण क्रंदन कर रही है।   |   mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  11.25.2 
यस्य क्षतजसंदिग्धौ बाहू चन्दनभूषितौ।
अवेक्ष्य करुणं भार्या विलपत्यतिदु:खिता॥ २॥
 
 
अनुवाद
उसकी चंदन-रंजित भुजाओं को रक्त से लथपथ देखकर उसकी पत्नी अत्यंत दुःखी हो रही है और करुण क्रंदन कर रही है।
 
Seeing his sandalwood-painted arms soaked in blood, his wife is extremely sad and is crying pitifully. 2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)