Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.25.1: गांधारी बोली, 'माधव! जो काबुल में बने कोमल बिस्तरों पर सोने के योग्य है, वह अजेय वीर काम्बोजराज सुदक्षिण, जिसके कंधे बैल के समान दृढ़ हैं, मरकर धूल में पड़ा है। | mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गांधारी बोली, 'माधव! जो काबुल में बने कोमल बिस्तरों पर सोने के योग्य है, वह अजेय वीर काम्बोजराज सुदक्षिण, जिसके कंधे बैल के समान दृढ़ हैं, मरकर धूल में पड़ा है।
Gandhari said, 'Madhava! The one who is worthy of sleeping on the soft beds made in Kabul, that unconquerable hero Kambojaraj Sudakshin, who has strong shoulders like a bull, is lying in the dust after dying.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥